Saturday, September 9, 2017

सवाल ये है 


सवाल ये है

सवाल कुछ करने
न करने का 
कहाँ है  साहब 

सवाल ये भी नहीं
कि वो 
मदर टेरेसा थी 
या कुछ और 
 ,
वो  एक अच्छी 
पत्रकार भी  थी 
या नहीं।

सवाल तो ये  है 
असल सवाल ये है 

क्या बोलने पर 
हत्या हो जानी चाहिए ? 
कमजोरी पर बात
हो तो 
जुबान छीन ली 
जानी चाहिए  ,
 
उसकी मृत्यु पर
हम अफ़सोस करते 
न करते
हमारे संस्कार
 हमें हत्या पर
 बोलने को 
विवश करते हैं।  

    मीना पाण्डेय 

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