मियाँ बैठे मुँह फुलाए, भूखा घूमे लाल
रखी गैस पे तरकारी, हुई जलकर ख़ाक,
अस्त -व्यस्त पड़ी रसोई, माथे पर न बल
बाथरूम में बड़ी देर से खुला हुआ है नल,
खुला हुआ है नल, सास भौएं चढ़ाए
इस बूढ़ी को भी, जिओ सिम मिल जाये।
घडी दो घड़ी सासू जी भी अपना मन बहला ले
गुडमॉर्निंग, गुडनाइट का कुछ तो मैनर जाने
ससुर बिचारे पूछ रहे, करें किससे बतियां
सन्नाटा है पूरे घर में, जियोमय हुआ इंडिया
जिओमय हुआ इंडिया, जिओ धन धना धन
अब सब होंगे करोड़पति कहते बच्चन।
घरवाली है एक हकीकत, ये दुनिया आभासी है
अजी कहीं तो हमको कहने -सुनने की आजादी है
कितने बड़े बनोगे पप्पू, तुम कितना भरमाओगे
लौट के बुद्दधु जल्दी ही घर को अपने आओगे
घर को अपने आओगे, लौट जिओ जगत से
प्रभु बचा लो हमको ऐसे बगुला भगत से।
सब लूट जायेगा तब जाकर चेताएंगे
चुग जाएगी चिड़ियाँ तब पछताएंगे
नाम राम का जाप लो वरना होगी टेंशन
स्वर्ग में कहाँ मिलेगा तुमको जिओ कनेक्शन।
मीना पाण्डेय
